सनबर्न और सन टैनिंग से बचने के आधुनिक उपाय
सच कहूँ तो मारवाड़ की धूप जितनी खूबसूरत लगती है, उतनी ही तेज़ हमारी त्वचा पर असर भी डालती है। मैं जब छोटी थी तब गर्मियों की छुट्टियों में घंटों छत पर खेलती रहती थी। शाम तक चेहरा लाल हो जाता था और हाथों पर काला पन दिखने लगता था। तब समझ नहीं आता था कि यह केवल धूप नहीं बल्कि सनबर्न और सन टैनिंग का असर है।
मेरी मम्मी कहती हैं कि त्वचा भगवान का दिया हुआ सबसे नाज़ुक आभूषण है, इसलिए उसकी देखभाल समय रहते करनी चाहिए। आज के समय में धूप पहले से अधिक तेज़ महसूस होती है। बाहर निकलते ही चेहरा मुरझाया हुआ दिखने लगता है। ऐसे में केवल घरेलू नुस्खे ही नहीं बल्कि आधुनिक तरीके भी अपनाना बहुत ज़रूरी हो गया है।
सनबर्न और सन टैनिंग आखिर क्या होती है
जब तेज़ धूप की किरणें हमारी त्वचा पर लंबे समय तक पड़ती हैं तब त्वचा अपनी रक्षा करने के लिए अधिक रंगद्रव्य बनाने लगती है। इसी कारण त्वचा का रंग गहरा पड़ने लगता है जिसे सन टैनिंग कहा जाता है। वहीं जब धूप त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुँचाती है तब लालपन, जलन और खुजली जैसी समस्या होती है जिसे सनबर्न कहते हैं।
कई बार लोग सोचते हैं कि केवल गोरी त्वचा वालों को ही सनबर्न होता है, लेकिन सच यह है कि हर प्रकार की त्वचा धूप से प्रभावित होती है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि किसी में जल्दी असर दिखता है और किसी में धीरे।
धूप से त्वचा को सबसे अधिक नुकसान कब होता है
दोपहर के समय धूप सबसे अधिक तेज़ होती है। सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक सूर्य की किरणें त्वचा को ज्यादा नुकसान पहुँचाती हैं। मैं खुद कोशिश करती हूँ कि इस समय बाहर कम निकलूँ। अगर जाना बहुत ज़रूरी हो तो पूरी तैयारी के साथ ही निकलती हूँ।
सनबर्न और सन टैनिंग से बचने के आधुनिक उपाय
चेहरे को ढककर बाहर निकलना
आजकल केवल दुपट्टा ही काफी नहीं होता। मैं हल्के सूती कपड़े का बड़ा स्कार्फ इस्तेमाल करती हूँ जिससे चेहरा और गर्दन दोनों सुरक्षित रहते हैं। धूप का सीधा असर कम पड़ता है और त्वचा कम काली होती है।
धूप से बचाने वाली क्रीम का इस्तेमाल
अब समय बदल चुका है। केवल घरेलू लेप लगाकर धूप में निकल जाना सही नहीं माना जाता। अच्छी गुणवत्ता वाली धूप सुरक्षा क्रीम त्वचा को तेज़ किरणों से बचाती है। मैं घर से निकलने से बीस मिनट पहले इसे लगाती हूँ ताकि त्वचा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
आँखों की सुरक्षा भी जरूरी
बहुत लोग केवल चेहरे पर ध्यान देते हैं लेकिन आँखों के आसपास की त्वचा सबसे नाज़ुक होती है। इसलिए धूप में चश्मा पहनना बेहद जरूरी है। इससे आँखों के आसपास झुर्रियाँ और कालापन कम होता है।
शरीर में पानी की कमी न होने दें
गर्मियों में त्वचा जल्दी सूख जाती है। मैं दिनभर में खूब पानी पीती हूँ और साथ में नारियल पानी या नींबू पानी भी लेती हूँ। इससे त्वचा अंदर से ठंडी रहती है और धूप का असर कम दिखाई देता है।
घर पर किए जाने वाले आसान उपाय
दही और बेसन का लेप
मेरी मम्मी कहती हैं कि दही त्वचा को ठंडक देता है। मैं एक कटोरी में दही और बेसन मिलाकर चेहरे पर लगाती हूँ। इससे टैनिंग धीरे धीरे हल्की होने लगती है।
एलोवेरा का प्रयोग
धूप से झुलसी त्वचा पर ताज़ा एलोवेरा बहुत राहत देता है। इसकी ठंडक जलन को कम करती है और त्वचा को मुलायम बनाती है।
खीरे का रस
खीरा केवल खाने के लिए ही नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसका रस चेहरे पर लगाने से ठंडक मिलती है और त्वचा ताज़गी महसूस करती है।
सन टैनिंग हटाने की मेरी खास दिनचर्या
मैं रोज़ रात को चेहरा अच्छी तरह साफ करती हूँ। उसके बाद गुलाब जल लगाती हूँ और फिर हल्का मॉइस्चर लगाती हूँ। सप्ताह में दो बार उबटन का प्रयोग करती हूँ जिसमें चंदन, बेसन और गुलाब जल मिलाती हूँ।
सच कहूँ तो नियमित देखभाल ही सबसे बड़ा राज़ है। अगर हम केवल एक दिन उपाय करें और फिर लापरवाही बरतें तो त्वचा फिर से खराब होने लगती है।
सनबर्न होने पर क्या करें
ठंडी पट्टी रखें
अगर त्वचा बहुत लाल हो गई हो तो ठंडे पानी की पट्टी रखने से आराम मिलता है। इससे जलन कम होती है।
चेहरे को बार बार न छुएँ
कई लोग जलन होने पर त्वचा को रगड़ने लगते हैं जिससे समस्या और बढ़ जाती है। हमेशा हल्के हाथ से त्वचा की देखभाल करें।
हल्का भोजन करें
गर्मियों में तला भुना भोजन त्वचा को और थका देता है। मैं इस समय फलों और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ा देती हूँ।
सनबर्न और टैनिंग में लोग कौन सी गलतियाँ करते हैं
बार बार चेहरा धोना
बहुत लोग सोचते हैं कि चेहरा बार बार धोने से कालापन कम होगा लेकिन इससे त्वचा और रूखी हो जाती है।
सस्ती क्रीम का इस्तेमाल
गलत उत्पाद त्वचा को फायदा देने के बजाय नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद चुनें।
धूप में बिना सुरक्षा निकलना
कई बार लोग सोचते हैं कि थोड़ी देर बाहर जाने से कुछ नहीं होगा लेकिन तेज़ धूप कुछ ही मिनटों में असर दिखाने लगती है।
मेरी रोज़ की चमकती त्वचा का राज़
मैं सुबह उठकर सबसे पहले सादा पानी पीती हूँ। उसके बाद हल्का योग करती हूँ। दिनभर त्वचा को साफ और नम बनाए रखने की कोशिश करती हूँ। रात को सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करना कभी नहीं भूलती।
मारवाड़ की धूप में रहते हुए मैंने यही सीखा है कि त्वचा को प्यार और समय दोनों चाहिए। जब हम अपनी त्वचा का ध्यान रखते हैं तब उसका निखार अपने आप लौट आता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सन टैनिंग हमेशा के लिए रहती है
नहीं। सही देखभाल और नियमित उपायों से धीरे धीरे टैनिंग कम होने लगती है।
क्या केवल गर्मियों में ही सनबर्न होता है
नहीं। तेज़ धूप सर्दियों में भी त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती है।
क्या घरेलू उपाय सच में असर करते हैं
हाँ। नियमित रूप से किए गए घरेलू उपाय त्वचा को काफी राहत देते हैं।
धूप से बचाव के लिए सबसे जरूरी चीज़ क्या है
चेहरे को ढककर रखना और त्वचा की नमी बनाए रखना सबसे जरूरी माना जाता है।
क्या पानी पीने से त्वचा पर फर्क पड़ता है
हाँ। शरीर में पानी की सही मात्रा त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करती है।
निष्कर्ष
सनबर्न और सन टैनिंग आज के समय की आम समस्या बन चुकी है लेकिन सही देखभाल और थोड़ी समझदारी से इससे बचा जा सकता है। मैंने अपनी जिंदगी में यही महसूस किया है कि त्वचा को सुंदर बनाने के लिए महंगे उपायों से ज्यादा जरूरी नियमित देखभाल होती है।
अगर आप भी मारवाड़ की धूप जैसी तेज़ गर्मी में रहते हैं तो आज से ही अपनी त्वचा को सुरक्षित रखना शुरू करें। आपकी छोटी सी सावधानी आपकी त्वचा की चमक हमेशा बनाए रख सकती है।
